कौशल विकास केंद्रों के जरिए उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण देगी निजी कंपनियां

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देहरादून। उत्तराखंड के समग्र, समावेशी और सतत विकास को एक नई गति देने के उद्देश्य से राजधानी देहरादून में 'उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए आयोजित इस विशेष संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट जगत और अग्रणी उद्योग समूहों से आह्वान किया कि वे राज्य के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए आगे आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की प्रगति के लिए सरकार के प्रयासों के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की भागीदारी आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और जल संचय जैसे क्षेत्रों में सुधार की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योग समूहों से अपील की कि वे अपना ध्यान उन क्षेत्रों पर केंद्रित करें, जहां विकास की मुख्यधारा अभी पूरी तरह से नहीं पहुंच सकी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सीएसआर के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सामाजिक नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास का जो नया मॉडल तैयार हुआ है, उसमें सरकार के साथ उद्योग जगत और समाज की सहभागिता को समान महत्व दिया गया है।

उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सीएसआर के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, डिजिटल कनेक्टिविटी और आजीविका से जुड़ी परियोजनाओं का विस्तार समय की मांग है। उन्होंने उद्योग जगत से साफ शब्दों में कहा कि वे केवल मैदानी और शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि पहाड़ों के गांवों में भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। जहां सरकारी योजनाएं पहले से चल रही हैं, वहां सीएसआर का सहयोग विकास को और अधिक प्रभावी और टिकाऊ बना सकता है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल वातावरण वाला राज्य बन चुका है। सरकार ने उद्योगों के लिए पारदर्शी, सरल और निवेश अनुकूल नीतियां लागू की हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिख रहे हैं। राज्य में बड़े पैमाने पर आ रहे निवेश से युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी समान गति मिलनी चाहिए। सतत विकास तभी संभव है जब समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। इस दिवसीय संवाद कार्यक्रम में देश की अग्रणी कॉर्पोरेट कंपनियों, उद्योग समूहों, सीएसआर फाउंडेशनों और सामाजिक संस्थाओं के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सत्रों के दौरान सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक सामाजिक परियोजनाओं का दायरा बढ़ाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए गए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव सुधांशु, कार्यक्रम के मुख्य संयोजक विनय शंकर पांडे, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, धीरेंद्र पवार, श्याम अग्रवाल, सिडकुल के एमडी डॉ. सौरभ गहरवार, आकांक्षा कोंडे, नरेंद्र भंडारी, नवीन बहल और प्रो. गोविंद सिंह समेत प्रशासनिक व कॉर्पोरेट जगत की तमाम बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं।