मानसून ने नियंत्रित की यात्रियों की रफ्तार, लेकिन केदारनाथ धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा रही बरकरार

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रुद्रप्रयाग। विश्वविख्यात ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष नया इतिहास रच रही है। बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह इस कदर चरम पर है कि यात्रा शुरू होने के महज 63 दिनों के भीतर ही 13 लाख से अधिक भक्त बाबा के दर पर शीश नवा चुके हैं। यह आंकड़ा केदारनाथ यात्रा के इतिहास में अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है। हालांकि, उत्तराखंड में मानसून की दस्तक और लगातार हो रही बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से श्रद्धालुओं की दैनिक संख्या में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब सात से आठ हजार श्रद्धालु ही बाबा के दर्शन के लिए केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। इस वर्ष बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। कपाट खुलने के पहले ही दिन रिकॉर्ड 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के अलौकिक दर्शन किए थे। यह केदारनाथ यात्रा के इतिहास में किसी एक दिन में दर्शन करने वाले भक्तों की अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक संख्या है।

इसके बाद मई महीने में यात्रा अपने पूरे चरम पर रही। मई के दौरान प्रतिदिन 28 से 30 हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे। भक्तों की इस भारी आमद से स्थानीय होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, टेंट व्यवसायियों के साथ-साथ घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी संचालकों, वाहन स्वामियों और स्थानीय व्यापारियों ने रिकॉर्ड तोड़ अच्छा-खासा कारोबार किया।मौसम विभाग द्वारा वर्षाकाल की चेतावनी के बाद बीते एक सप्ताह के भीतर श्रद्धालुओं के आंकड़ों में स्थिरता देखी जा रही है। 16 जून को जहां 9,885 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, वहीं 21 जून को यह संख्या घटकर 7,484 तक पहुंच गई थी। हालांकि, 22 जून को फिर से मामूली बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा 9,332 दर्ज किया गया। पर्यटन विभाग और यात्रा व्यवसाय से जुड़े स्थानीय व्यापारियों को पूरा भरोसा है कि वर्षाकाल समाप्त होने के बाद, आगामी सितंबर और अक्टूबर के महीने में केदारनाथ यात्रा एक बार फिर से पूरी रफ्तार पकड़ेगी। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया, वर्षाकाल और मानसून के चलते वर्तमान में सुरक्षा कारणों से यात्रियों की संख्या नियंत्रित हुई है, लेकिन मॉनसून खत्म होते ही सितंबर में फिर से श्रद्धालुओं का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। जिला प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग लगातार 24 घंटे यात्रा रूट और धाम की निगरानी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं, सुगम यातायात और धाम में रहने-खाने जैसी आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरी टीम मुस्तैद है।

मानसून के बीच थमी रफ्तार, आंकड़ों पर एक नजर
तिथि (जून)    श्रद्धालुओं की दैनिक संख्या
22 जून    9,332 श्रद्धालु
21 जून    7,484 श्रद्धालु
20 जून    8,068 श्रद्धालु
19 जून    8,308 श्रद्धालु