उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक संचालित होंगी। परीक्षा की निष्पक्षता और नकल पर रोक के लिए शासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश भर में 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 156 को संवेदनशील और छह को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए परीक्षा केंद्रों के आधार पर सेक्टर बनाने और राजस्व अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक सेक्टर में 10 से 12 से अधिक केंद्र न हों। परगनाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर और समकक्ष अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाकर परीक्षा केंद्रों का प्रभावी निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता किसी भी स्थिति में भंग नहीं होनी चाहिए। सामूहिक नकल, प्रश्नपत्र लीक या हिंसक घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने आदेश जारी किया है कि किसी केंद्र पर सामूहिक नकल की आशंका होने पर उस पाली की परीक्षा निरस्त कर प्रश्नपत्र बदला जा सकता है और परीक्षा दूसरे केंद्र पर कराई जा सकती है। इस वर्ष दो लाख से अधिक परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। हाईस्कूल में 1,12,679 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 1,10,573 संस्थागत और 2,106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इंटरमीडिएट में 1,03,442 परीक्षार्थियों में से 99,345 संस्थागत और 4,097 व्यक्तिगत अभ्यर्थी हैं। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, डिजिटल घड़ी, इयरफोन या किसी भी संचार उपकरण के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई परीक्षार्थी प्रवेश पत्र भूल जाता है तो केंद्र व्यवस्थापक अनुक्रमांक सूची के आधार पर अधिकतम एक विषय में परीक्षा देने की अनुमति देंगे, अन्य विषयों के लिए प्रधानाचार्य नया प्रवेश पत्र जारी करेंगे। परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। उत्तर पुस्तिका के आवरण पृष्ठ पर निर्धारित विवरण के अलावा कुछ भी लिखना अनुचित साधन माना जाएगा। धार्मिक या पहचान दर्शाने वाले शब्द लिखने पर भी कार्रवाई होगी। बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर शासन ने विद्यालयी शिक्षा विभाग में छह माह के लिए हड़ताल पर रोक लगा दी है। पिछले वर्ष हाईस्कूल का परिणाम 90.77 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का 83.23 प्रतिशत रहा था। इस बार भी निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

