जनता की परेशानी बनाम अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां: विधानसभा में एलपीजी गैस आपूर्ति पर छिड़ी एक बड़ी बहस

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भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र का आज पांचवा दिन है। सीएम धामी सहित मंत्री विधायक सदन में पहुंच गए हैं। सत्र की शुरुआत हो गई है वहीं रसोई गैस को लेकर कांग्रेसी विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठ धरना दे रहे हैं। विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी सदन में एलपीजी आपूर्ति के मुद्दे पर हंगामा हुआ।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने पीठ से सरकार को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। सदन में चर्चा न करने का आरोप लगा विपक्ष ने विरोध किया। इससे सदन की कार्यवाही 45 मिनट तक स्थगित रही। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 पर प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया। विस अध्यक्ष ने इस सूचना को नियम 58 में भोजनावकाश के बाद सुनने का विनिश्चय दिया। तीन बजे सत्र शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार का विषय है। लिहाजा इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में जिस तरह की परिस्थिति है, उससे केंद्र सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है। घरेलू एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए विरोध किया। विपक्ष ने कहा पीठ से जब नियम 310 पर विनिश्चय दिया गया तो सरकार चर्चा करने से क्यों भाग रही है। प्रदेशभर में एलपीजी गैस के लिए लाइनें लग रही हंै। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट संचालकों को एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। पक्ष व विपक्ष के बीच बहस होने से सदन की कार्यवाही 45 मिनट के स्थगित हुई। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी की कालाबाजारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल जिले में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई।