मां शारदा की पावन भूमि पर आरोग्यता का नया अध्याय: मुख्यमंत्री धामी ने किया शंखनाद

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बनबसा । 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर उत्तराखंड के चंपावत जिले का सीमांत कस्बा बनबसा पूरी तरह योग के रंग में सराबोर हो गया। मां शारदा की इस पावन और ऐतिहासिक धरती पर आयोजित मुख्य योग समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने यहाँ किसी वीआईपी  प्रोटोकॉल से दूर, बेहद सादगी के साथ जमीन पर बैठकर हजारों की संख्या में मौजूद सशस्त्र सेना के जवानों, योग साधकों, युवाओं, स्कूली छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में उमड़ी मातृशक्ति व वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया।

समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने योग को मानव जीवन के लिए प्रकृति का अनमोल उपहार बताते हुए कहा योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का सबसे मजबूत आधार है। आज मां शारदा की इस अत्यंत पवित्र भूमि पर सीमा की रक्षा करने वाले जांबाज जवानों, देश के भविष्य यानी हमारे छात्र-छात्राओं और क्षेत्र की जनता के साथ योगाभ्यास करने का अवसर मिलना मेरे लिए परम हर्ष और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों के कारण आज योग विश्व के कोने-कोने में पहुंच चुका है। आज बनबसा जैसे सीमांत क्षेत्र से देश और दुनिया को आरोग्यता का यह संदेश जाना उत्तराखंड के बढ़ते गौरव को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता जताई कि आज समाज का हर वर्ग चाहे वह देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र बल के जवान हों, घर-परिवार को संभालने वाली मातृशक्ति हो या फिर देश के युवा होंसब एक साथ मिलकर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने सीमांत चंपावत जिले में इस भव्य और सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पतंजलि और अन्य संस्थाओं के योग प्रशिक्षकों, साधकों तथा स्थानीय आयोजकों का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे योग दिवस को केवल एक दिन के उत्सव के रूप में न मनाएं, बल्कि प्रतिदिन अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय प्राणायाम और ध्यान के लिए जरूर निकालें। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी के सुखी, समृद्ध और पूरी तरह निरोग जीवन की कामना की। इस ऐतिहासिक महा-योग शिविर में कई प्रशासनिक अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।