सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश का अनुपालन, हल्द्वानी में पुनर्वास के लिए विधिक पहल शुरू

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हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के 24 फरवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 20 मार्च से 31 मार्च 2026 तक हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में विशेष पुनर्वास शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों का आयोजन छह स्थानों हल्द्वानी रेलवे स्टेशन, अंजुमन इस्लामिया बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय किदवई नगर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनभूलपुरा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बनभूलपुरा, राजकीय इंटर कॉलेज बनभूलपुरा तथा मदरसा नैनीताल पब्लिक स्कूल बनभूलपुरा में किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास से संबंधित योजनाओं की जानकारी देने और आवेदन भरवाने का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में रविवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय हल्द्वानी में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदीप कुमार मणि त्रिपाठी, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र परिवार पुनर्वास योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के अनुसार बनभूलपुरा क्षेत्र में लगभग 5300 से अधिक प्रभावित परिवार हैं और लक्ष्य है कि सभी तक जानकारी पहुंचाकर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों में पात्र परिवारों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और उन्हें भरवाने में भी मदद की जाएगी। विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम, न्यायिक अधिकारी, रेलवे और प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से क्षेत्र में पहुंचकर लोगों को पुनर्वास योजना की जानकारी देंगे। प्रयास है कि 31 मार्च तक पूरी प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जा सके।

बैठक में शिविरों की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। तय किया गया कि प्रत्येक शिविर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरपीएफ की तैनाती भी की जाएगी। इसके अलावा मंगलवार से क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन पत्र वितरित किए जाएंगे। इन फॉर्मों को विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम लोगों तक पहुंचाएगी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने निर्देश दिए कि इस अभियान के प्रचार-प्रसार में स्थानीय पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्रों का वितरण और पात्रता की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए तथा पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी भी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक से पहले अधिकारियों ने सभी प्रस्तावित शिविर स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।