देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कुंजापुरी मेले में मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुआ विवाद अब सियासी और फिल्मी गलियारों में बड़ा मुद्दा बन चुका है। मेले के मंच पर कैबिनेट मंत्री द्वारा गायक को लगाई गई सार्वजनिक फटकार का वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ यह विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खुद आगे आना पड़ा है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रकरण को लेकर खुद गायक दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह से बात करेंगे। दरअसल, विवाद की जड़ कुंजापुरी मेले का वह मंच बना, जहां दलेर मेहंदी की लाइव परफॉर्मेंस होनी थी। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने रवैये का बचाव करते हुए कहा कि दलेर मेहंदी लगभग 45 मिनट तक मंच पर प्रस्तुति नहीं दे सके। मंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें लगा कि गायक किसी नशे में थे, हालांकि बाद में उन्हें बताया गया कि उनकी तबीयत खराब थी। सुबोध उनियाल ने दो टूक कहा कि कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और रुकने के लिए होटल का अलग से इंतजाम था। यदि उनकी तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था या पहले आयोजकों और जनता को सूचित करना चाहिए था। जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के समय और सम्मान की रक्षा के लिए मुझे टोकना पड़ा। कलाकार का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कलाकार को भी अपने पद और प्रतिष्ठा की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।
बॉलीवुड में भी दिखा गुस्सा, अनुपम खेर और राजपाल यादव ने साधा निशाना
मंत्री के इस सार्वजनिक बर्ताव पर फिल्म जगत के दिग्गजों ने कड़ा ऐतराज जताया है। दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए कहा, मैं दलेर जी को 25-30 सालों से जानता हूं, वह एक बेहद प्रतिष्ठित कलाकार हैं। पिछले दो-तीन साल से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही है। हो सकता है उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से लिप-सिंक किया हो, लेकिन मंच पर इस तरह सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना और अपमानित करना कतई उचित नहीं है। वहीं, अभिनेता राजपाल यादव ने भी मंत्री की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, मंच पर किसी भी सम्मानित कलाकार के लिए ऐसे कटु शब्दों का प्रयोग करना कतई शोभा नहीं देता। कला को पैसे से खरीदा नहीं जा सकता, कला जीवन है और उसका सम्मान होना चाहिए। दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते, उनका स्वास्थ्य खराब था।

