उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 27 जनवरी का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उन्होंने इसे उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण बताया। मुख्यमंत्री देहरादून स्थित परेड ग्राउंड परिसर की दून लाइब्रेरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड को सुनने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
सीएम धामी ने कहा कि आज़ादी के बाद देश के संविधान निर्माताओं ने संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का प्रावधान किया था, जिसमें पूरे देश में एक समान कानून व्यवस्था की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने कहा कि इस संवैधानिक भावना को सबसे पहले ज़मीन पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य उत्तराखंड ने किया है। यह पूरे राज्य के नागरिकों के लिए गर्व की बात है कि यूसीसी को लागू कर उत्तराखंड ने देश को एक नई दिशा दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है, ताकि सभी नागरिकों को एक समान अधिकार और अवसर मिल सकें। उन्होंने इसे सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे समाज में एकरूपता आएगी और भेदभाव की भावना खत्म होगी। सीएम धामी ने यह भी कहा कि यूसीसी के सफल एक वर्ष पूरे होना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की जनता ने इस ऐतिहासिक निर्णय को स्वीकार किया है और इसे समर्थन दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह कानून राज्य के सामाजिक ढांचे को और अधिक मजबूत करेगा तथा उत्तराखंड देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

